अमेरिका ने अवैध तरीके से देश में रह रहे लोगों का निर्वासन जारी रखा है। ट्रंप प्रशासन ने दक्षिण अमेरिका, एशिया और यूरोप के सैकड़ों नागरिकों को बेड़ियां लगाकर डिपोर्ट किया है। अपने इस अभियान के लिए अमेरिकी सरकार करोड़ो डॉलर तक खर्च कर रही है। हालांकि, इस बीच पनामा से कुछ चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। इन फोटोज में अमेरिका से निर्वासित किए गए भारतीयों को एक होटल की खिड़की से मदद की गुहार लगाते देखा जा सकता है। इस तस्वीर के सामने आने के बाद से ही भारत और पड़ोसी देशों में लोगों ने अमेरिकी सरकार से नाराजगी जताई है।
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हालांकि, इस बीच सबकी जुबान पर एक ही सवाल है- आखिर अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीय और अन्य देशों के लोग दक्षिण अमेरिकी देश पनामा में क्या कर रहे हैं? ट्रंप प्रशासन ने हालिया दिनों में अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे भारतीयों को और किन देशों में भेजा है? इसकी वजह क्या है? वहां भारतीय किन हालात में रहने को मजबूर हैं? अमेरिका की आगे की योजना क्या है? आइये जानते हैं…
कोस्टा रिका में किस-किस देश के अवैध प्रवासी भेजे गए?
- अमेरिका ने पश्चिम एशिया (उज्बेकिस्तान, पाकिस्तान, किर्गिस्तान, कजाखस्तान) और भारत के कई प्रवासियों को कोस्टा रिका पहुंचाया है। सरकार ने इन लोगों को पनामा से लगते बॉर्डर के पास एक शरणार्थी कैंप में रखा है। कोस्टा रिका का कहना है कि वह अमेरिका से निर्वासित लोगों को उनके मूल देश पहुंचाने के लिए सिर्फ एक पुल का काम करेगा।
- कोस्टा रिका ने साफ किया है कि उसके यहां से लोगों को वापस भेजने के कार्यक्रम की पूरी फंडिंग अमेरिका करेगा और इसे अंतरराष्ट्रीय आव्रजन संस्था (आईओएम) की निगरानी में किया जाएगा। इस दौरान अप्रवासियों को कोस्टा रिका में रखने और उनकी सुविधाओं की देखरेख भी आईओएम ही करेगा।
- कोस्टा रिका के राष्ट्रपति रोड्रिगो शावेज का कहना है कि वह अमेरिका की मदद इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि वह ट्रंप के टैरिफ की मार नहीं झेलना चाहते। अगर अमेरिका ने कोस्टा रिका के उत्पादों पर टैरिफ लगाना शुरू किया तो इससे उनके देश को बड़ा नुकसान हो सकता है।