फिरोजपुर (जतिन्द्र पिंकल): भारत में होने वाली जनगणना 2027 को सुचारू, सटीक और प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला फिरोजपुर में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में उपायुक्त श्रीमती दीपशिखा शर्मा के नेतृत्व में डीसी कॉम्प्लेक्स स्थित ट्रेनिंग हॉल में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना संबंधी 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनगणना के प्रथम चरण को वैज्ञानिक और प्रमाणिक तरीके से पूरा करना है, ताकि आगामी चरणों की योजना सटीक आधार पर तैयार की जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों से आए अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान जिला जनगणना कोऑर्डिनेटर कार्तिक आर्य, शोध अधिकारी गुरिंदर सिंह, सहायक शोध अधिकारी तरसेम लाल, गुरनाम सिंह (वाईपी), हरजिंदर पाल (स्टेनो), अंकुश वडेरा (वाईपी), जिला आंकड़ा कार्यालय फिरोजपुर तथा जिला शिक्षा विभाग के मास्टर ट्रेनर सुखजिंदर सिंह और मलकीत सिंह हराज ने जनगणना से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
ट्रेनिंग के दौरान मकान सूचीकरण के तरीकों, मकानों की सही पहचान, परिवार इकाइयों की गणना, डेटा एकत्र करने की प्रक्रिया और रिकॉर्ड भरने के तरीके को सरल भाषा में समझाया गया। अधिकारियों ने बताया कि मकान सूचीकरण जनगणना का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है, जिस पर आगे की पूरी प्रक्रिया निर्भर करती है। इसलिए हर कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी और सतर्कता के साथ निभानी होगी।
इसके अलावा प्रशिक्षण में फील्ड स्तर पर आने वाली संभावित समस्याओं जैसे डेटा एकत्र करने में बाधाएं, लोगों से संवाद की चुनौतियां और तकनीकी दिक्कतों पर भी चर्चा की गई तथा उनके समाधान बताए गए। साथ ही डिजिटल साधनों के उपयोग से डेटा संग्रह प्रक्रिया को अधिक आसान, तेज और पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि जनगणना के सटीक और विश्वसनीय आंकड़े ही सरकार की भविष्य की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यों की मजबूत नींव होते हैं।
अंत में प्रशिक्षण में शामिल कर्मचारियों से अपील की गई कि वे अपने अधीन स्टाफ को भी पूरी तरह जागरूक करें और टीम वर्क के साथ इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने में योगदान दें, ताकि जनगणना 2027 बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।