दिल्ली सरकार ने बहुप्रतीक्षित दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 की मुख्य बातें साझा की हैं। इस नीति के तहत सरकार का लक्ष्य 2027 तक नए वाहन पंजीकरण में 95 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करना है। दिल्ली परिवहन मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में कहा है कि यह नीति दिल्ली को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर तेजी से बढ़ाने और देश में ईवी अपनाने में अग्रणी राज्य बनाने के लिए बनाई गई है। 2020 में आई थी पहली दिल्ली ईवी पॉलिसी दिल्ली में 2020 में पहली बार इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू की गई थी, जिसे देश की सबसे व्यापक ईवी नीतियों में से एक माना जाता है। यह नीति अगस्त 2024 में समाप्त हो गई थी, जिसके बाद इसे कई बार बढ़ाया गया। अब दिल्ली सरकार नई ईवी पॉलिसी 2.0 के तहत एक नया ढांचा पेश करने की योजना बना रही है। दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 की मुख्य बातें सभी ऑटो, टैक्सी और हल्के कमर्शियल वाहनों को बदला जाएगा दिल्ली ईवी पॉलिसी 2.0 का लक्ष्य CNG (सीएनजी) से चलने वाले ऑटो-रिक्शा, टैक्सियों और हल्के वाणिज्यिक वाहनों (एलसीवी) को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलना है। इसके अलावा, सरकार सभी बसों को भी इलेक्ट्रिक बनाने की योजना बना रही है। ईवी खरीदने पर मिलेगी आर्थिक सहायता इस नीति के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, हल्के वाणिज्यिक वाहन (e-LCVs) और इलेक्ट्रिक ट्रकों की खरीद पर इंसेंटिव दिए जाएंगे। इसके अलावा, पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को स्क्रैप करवाने और उन्हें इलेक्ट्रिक में बदलवाने (रेट्रोफिटिंग) के लिए भी छूट मिलेगी। कमर्शियल वाहनों के लिए सख्त नियम सरकार कमर्शियल वाहनों के लिए ईवी अपनाने को अनिवार्य करने के लिए सख्त नियम लागू करेगी। इससे व्यावसायिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ेगी। दिल्ली में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिल्ली सरकार ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके तहत:
  • नई इमारतों और सार्वजनिक स्थलों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाना अनिवार्य होगा।
  • प्राइवेट और सेमी-पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए पूंजी सब्सिडी दी जाएगी।
  • रिंग रोड और आउटर रिंग रोड जैसी मुख्य सड़कों पर फास्ट-चार्जिंग कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
  • राज्य ईवी फंड की स्थापना नई नीति के तहत एक समर्पित राज्य ईवी फंड बनाया जाएगा, जिससे ईवी अपनाने के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता का खर्च उठाया जाएगा। इस फंड के लिए धनराशि ग्रीन टैक्स, पॉल्यूशन सेस और एग्रीगेटर लाइसेंस फीस से जुटाई जाएगी।
  • ईवी सेक्टर में नौकरियों के नए अवसर दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में कौशल विकास और रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसमें:
    • ईवी बिक्री, सर्विसिंग, फाइनेंसिंग और बैटरी प्रबंधन में रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे।
    • दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (DSEU) ईवी मैकेनिक और ड्राइवरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगी।