मीडिया संगठनों के साथ अब तक व्यापक चर्चा नहीं
रितु ने कहा कि मसौदा कानून पर परामर्श प्रक्रिया का हिस्सा बनने की इजाजत देने के लिए सरकार से संपर्क किया था लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिला है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने चुनिंदा हितधारकों के साथ बंद कमरे में विचार-विमर्श किया है तथा डिजिटल मीडिया संगठनों के साथ अब तक व्यापक चर्चा नहीं हुई है।
बहुस्तरीय कानूनी प्रणाली बनाने की कवायद
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अनंत नाथ ने कहा कि प्रसारण सेवा विधेयक देश में सामग्री को विनियमित, नियंत्रित, निगरानी और सेंसर करने के लिए बहुस्तरीय कानूनी प्रणाली बनाने की दिशा में एक और कदम है।
क्या है इस विधेयक का मकसद
सरकार ने पिछले साल नवंबर में प्रसारण सेवा (विनियमन) विधेयक, 2023 का मसौदा जारी किया था। इसका उद्देश्य प्रसारण क्षेत्र के लिए एक समेकित कानूनी ढांचा लाना और ओटीटी सामग्री, डिजिटल समाचार और समसामयिक मामलों को भी इसके दायरे में लाना है।