ओलंपियाड : छात्रों से पूछा-गणित से कैसे की जाए दोस्ती
पीएम मोदी ने मन की बात की शुरुआत पेरिस ओलंपिक के जिक्र के साथ की और लोगों से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने को कहा। फिर हाल ही में संपन्न अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड में देश का झंडा बुलंद करने वाले छात्रों से बातचीत की। पीएम ने चार गोल्ड और एक सिल्वर जीतने वाले छात्रों की इस टीम से जानना चाहा कि आखिर लोग गणित को हौव्वा समझे बगैर उससे दोस्ती कैसे कर सकते हैं।
समस्याएं हल करने की क्षमता बढ़ाते हैं गणित के सवाल
दिल्ली के अर्जुन गुप्ता ने बताया, मेरी मां आशा गुप्ता फिजिक्स की प्रोफेसर हैं और पिता अमित गुप्ता सीए हैं। हमें गणित के सवाल सुलझाने में घंटों लगाने पड़ते हैं, लेकिन हम धीरे-धीरे जैसे मेहनत करते जाते हैं, हमारा अनुभव बढ़ता है। गणित की प्रॉब्लम सुलझाने से हमारी समस्याएं हल की क्षमता बढ़ती है।
विषय से करें प्यार : ग्रेटर नोएडा के कनव तलवार ने कहा, विषय से प्यार करें तो सफलता जरूर मिलेगी। मैं 11वीं कक्षा का छात्र हूं और गणित में बचपन से ही रुचि है। ओलंपियाड की तैयारी सातवीं कक्षा से शुरू की थी। मेरी बहन और मेरे माता-पिता ने हमेशा सपोर्ट किया। पिछले साल टीम में शामिल न हो पाने पर बहुत दुखी था।
सवाल सुलझाने के बजाय समझने की कोशिश जरूरी
मुंबई के रुशील माथुर ने कहा, सवाल सुलझाने के बजाय समझने की कोशिश करना जरूरी हम छोटे में जोड़-घटाना पढ़ते हैं, तब हमें कैरी फॉरवर्ड (हासिल) सिखाया जाता है, लेकिन हमें कभी ये नहीं समझाया नहीं जाता कि यह होता क्यों हैं? चक्रवृद्धि ब्याज पढ़ते हैं, लेकिन हम कभी यह सवाल नहीं करते इसका फॉर्मूला आता कहां से हैं?
मानव-बाघ संघर्ष रोक रहा कुल्हाड़ी बंद अभियान
दुनियाभर में 29 जुलाई को टाइगर डे मनाया जाएगा। इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि बाघ हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। हमारे देश में ऐसे कई गांव है, जहां इन्सान और बाघ के बीच कभी टकराव की स्थिति नहीं आती। उन्होंने राजस्थान के रणथंभौर से शुरू हुए कुल्हाड़ी बंद पंचायत अभियान की सराहना भी की।
- अभियान के तहत स्थानीय समुदायों ने खुद शपथ ली है कि जंगल में कुल्हाड़ी के साथ नहीं जाएंगे और पेड़ नहीं काटेंगे। इससे यहां जंगल हरे-भरे हो रहे हैं और बाघों के लिए बेहतर वातावरण तैयार हो रहा है।
अगस्त का महीना आ गया है। यह आजादी मिलने का महीना है, क्रांति का महीना है। खादी खरीदने के लिए इससे बढ़िया अवसर और क्या होगा। -नरेंद्र मोदी