जानकारी के मुताबिक इस पूरी रंगमंचीय प्रस्तुति के लिए 20 मौलिक गाने रचे जा चुके हैं। इनको संगीतबद्ध करने की जिम्मेदारी संगीतकार जोड़ी सचिन-जिगर को मिली है। इन गीतों में हवेली संगीत से लेकर राजस्थानी व गुजराती लोकनृत्यों व अन्य पारंपरिक शैलियों को जगह मिली है। मशहूर निर्माण रचयिता (प्रोडक्शन डिजाइनर) ओमंग कुमार ने इसके द्वापर युग शैली के सेट्स तैयार किए हैं। पूरी प्रस्तुति के लिए करीब पौने दो हजार कॉस्ट्यूम्स बन रहे हैं और कलाकारों के सिरों को सजाने के लिए फूलों के करीब पांच हजार मुकुट बन रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक इस पूरी रंगमंचीय प्रस्तुति के लिए 20 मौलिक गाने रचे जा चुके हैं। इनको संगीतबद्ध करने की जिम्मेदारी संगीतकार जोड़ी सचिन-जिगर को मिली है। इन गीतों में हवेली संगीत से लेकर राजस्थानी व गुजराती लोकनृत्यों व अन्य पारंपरिक शैलियों को जगह मिली है। मशहूर निर्माण रचयिता (प्रोडक्शन डिजाइनर) ओमंग कुमार ने इसके द्वापर युग शैली के सेट्स तैयार किए हैं। पूरी प्रस्तुति के लिए करीब पौने दो हजार कॉस्ट्यूम्स बन रहे हैं और कलाकारों के सिरों को सजाने के लिए फूलों के करीब पांच हजार मुकुट बन रहे हैं।
