विदेश में भी आसानी से प्रशिक्षण ले सकेंगे सरकारी कर्मचारी
अब भारत के सरकारी कर्मचारियों को विदेश में प्रशिक्षण प्राप्त करने में परेशानी नहीं आएगी। इसके लिए 309.74 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह आवंटन चालू वित्त वर्ष के लिए कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के लिए निर्धारित 2,328.56 करोड़ रुपये के तहत है।कुल 309.74 करोड़ रुपये में से 103.05 रुपये प्रशिक्षण प्रभाग, सचिवालय प्रशिक्षण और प्रबंधन संस्थान (आईएसटीएम) और लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) के लिए हैं। वहीं, प्रशिक्षण योजनाओं के लिए 120.56 रुपये और सिविल सेवा क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम या मिशन कर्मयोगी के लिए 86.13 करोड़ रुपये दिए गए हैं।कार्मिक मंत्रालय के अधीन प्रशिक्षण प्रभाग, दिल्ली में आईएसटीएम और मसूरी स्थित एलबीएसएनएए फाउंडेशन कोर्स, पुनश्चर्या पाठ्यक्रम, मध्य-कॅरिअर प्रशिक्षण आदि सहित कई कार्यक्रमों की व्यवस्था करते हैं, ताकि सचिवालय के पदाधिकारियों के सभी स्तरों/ग्रेडों को नवीनतम नियम और विनियम, योग्यता आदि का पर्याप्त अनुभव मुहैया कराया जा सके।सबसे बड़ी नौकरशाही सुधार पहल कहे जाने वाले मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को अधिक
रचनात्मक, सक्रिय, पेशेवर और तकनीक सक्षम बनाना है ।