फिरोज़पुर, ( जतिंदर पिंकल ) रेलवे प्रशासन की ओर से आज फिरोजपुर में कर्मचारियों की समस्याएं सुनने के लिए शिकायत निवारण शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में वरिष्ठ मंडल अभियंता मुख्यालय (डीईएन/मुख्यालय), सहायक मंडल अभियंता फिरोजपुर (एडीईएन फिरोजपुर) सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शिविर का उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना बताया गया था, लेकिन आयोजन स्थल पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली। कर्मचारियों को धूप में बैठने के लिए मजबूर किया गया — न तो उनके लिए पीने के पानी की व्यवस्था की गई और न ही किसी अन्य बुनियादी सुविधा का ध्यान रखा गया। कर्मचारी जब अपनी पुरानी शिकायतों के समाधान की मांग लेकर अधिकारियों के सामने पहुंचे, तो नाराज़गी और आक्रोश स्पष्ट झलकने लगा। उनका कहना था कि जब पहले से दर्ज शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो इस नए शिविर का आयोजन महज़ औपचारिकता क्यों किया गया? जब स्थानीय मीडिया मौके पर पहुंची, तो वरिष्ठ मंडल अभियंता मुख्यालय और सहायक मंडल अभियंता फिरोजपुर ने किसी भी सवाल का उत्तर देने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि फिरोजपुर रेलवे कॉलोनियों और कर्मचारियों के आवासीय क्वार्टरों की स्थिति पहले से ही बेहद दयनीय है। नालियों की सफाई, पानी की व्यवस्था, बिजली की हालत जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें केवल कर्मचारियों की शिकायतें लिखित रूप में दर्ज करनी हैं। लेकिन जब कर्मचारियों ने यह सवाल उठाया कि पहले से दी गई शिकायतों पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं हुई, तो अधिकारी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। यह शिविर कर्मचारियों की समस्याएं हल करने का माध्यम बनने की बजाय, प्रशासन की एक दिखावटी औपचारिकता बनकर रह गया। सभी साथियों से अपील है कि वे आने वाले समय में जागरूक होकर, एकजुटता के साथ प्रशासन से जवाब मांगने के लिए तैयार रहें। एकता में ही हमारी शक्ति है।