चंडीगढ़ (रिपोर्ट – नवीन पुरी):

पंजाब विधानसभा में आज एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब जी और अन्य धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की बढ़ती घटनाओं को रोकने तथा इस संबंध में सख़्त क़ानून बनाने पर चर्चा हुई।

इस बैठक में जालंधर से विशेष रूप से महामंडलेश्वर महंत बंसी दास जी, श्री 108 पंडित विजय पति सांडल, पंडित अजय वशिष्ठ और संत समाज के अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए। उनके साथ लक्ष्मी नारायण मंदिर (मॉडल हाउस) के अध्यक्ष दिनेश शर्मा जी भी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि लक्ष्मी नारायण मंदिर में आधुनिक अस्पताल, अनुभवी डॉक्टर, अन्नपूर्णा भोजनालय और संस्कार केंद्र जैसी सुविधाएँ भी संचालित की जा रही हैं।

बैठक के दौरान महामंडलेश्वर महंत बंसी दास जी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की अनेक घटनाएँ सामने आई हैं। कुछ असामाजिक तत्व पवित्र ग्रंथों की बेअदबी कर राज्य का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जो अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अपराधों के लिए उम्रकैद और भारी जुर्माने का कठोर प्रावधान किया जाना चाहिए।

महंत बंसी दास जी ने यह भी सुझाव दिया कि इस क़ानून में केवल गुरु ग्रंथ साहिब ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथ, श्रीरामायण, गौ माता की हत्या और मांस बिक्री, तथा देवी–देवताओं की मूर्तियों की बेअदबी को भी शामिल किया जाए।

विधानसभा की बैठक में पहुँचे सभी आमंत्रित महानुभावों ने महंत बंसी दास जी के इस सुझाव का पूर्ण समर्थन किया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में लुधियाना, राजपुरा और होशियारपुर के विधायकों के साथ-साथ सरकार की लीगल एडवाइज़र टीम, विधानसभा सचिव, श्री सुखविंदर कालिया बिट्टू, श्री जगदीश प्रसाद (जीरकपुर), श्री अरविंद पराशर (होशियारपुर), श्री अरविंद सूद (होशियारपुर) और श्री अनुराग सूद (होशियारपुर) भी उपस्थित रहे।