विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
मामले में विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह एक आम और नियमित प्रक्रिया है। अपॉइंटमेंट को फिर से शेड्यूल करने के लिए हमारे पास हमेशा औचक योजना होती है। सार्वजनिक केन्द्रित सेवा (जैसे पासपोर्ट सेवा केंद्र) के लिए रखरखाव की योजना हमेशा
पहले से बनाई जाती है, ताकि जनता को परेशानी न हो। इसलिए अपॉइंटमेंट पुनर्निर्धारित करने में कोई समस्या नहीं आएगी।
कैसे काम करता है पासपोर्ट सेवा पोर्टल?
पासपोर्ट सेवा पोर्टल के जरिए नए पासपोर्ट के लिए आवेदन करने या पासपोर्ट को नवीनीकृत करने के लिए किया जाता है। इस पर देश भर के केंद्रों पर अपॉइंटमेंट बुक किए जाते हैं। आवेदन करने के बाद अपॉइंटमेंट लिया जाता है। जिस दिन का अपॉइंटमेंट होता है, उस दिन आवेदकों को पासपोर्ट केंद्रों पर पहुंचना होता है। यहां वे सत्यापन के लिए अपने दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं। इसके बाद पुलिस सत्यापन होता है और फिर पासपोर्ट आवेदक के पते पर पहुंच जाता है। आवेदक नियमित मोड का विकल्प चुन सकते हैं, जिसमें पासपोर्ट 30-45 कार्य दिवसों में आवेदक तक पहुंचता है। इसके अलावा तत्काल मोड का भी विकल्प होता है, जिसमें यह कुछ दिनों में ही आवेदक को मिल जाता है।