फगवाड़ा (पुनीत) अंबेडकर सेना मूलनिवासी ने पंजाब प्रधान हरभजन सुमन के निर्देशानुसार दोआबा प्रधान बलविन्द्र बोध, जिला प्रधान धर्मवीर बोध और सचिव मनी अंबेडकरी के संयुक्त नेतृत्व में स्थानीय जीटी रोड पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई पर राकेश किशोर नामक एक वकील द्वारा जूते से किए गए हमले के विरोध में पुतला फूंक प्रदर्शन किया। दलित नेताओं ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की शह पर देश भर में दलितों के खिलाफ ऐसे जघन्य कृत्य किए जा रहे हैं। क्योंकि भाजपा और आर.एस.एस. दलित विरोधी गैर मानवतावादी सोच से प्रेरित हैं। नेताओं ने कहा कि राकेश किशोर द्वारा इतना कुछ करने के बावजूद भाजपा सरकार ने उन्हें बाइज्जत रिहा कर दिया, लेकिन अगर जस्टिस बी.आर. गवई की जगह सामान्य समुदाय से संबंधित जज होते और हमलावर दलित या किसी अन्य समुदाय से होता, तो मोदी सरकार उस पर रासुका लगा देती और कई सालों तक जमानत भी नहीं देती। उन्होंने कहा कि अगर मोदी राज में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को दलित होने के कारण निशाना बनाया जा सकता है, तो देश में आम दलित किस हालत में जीने को मजबूर होंगे, इसका अंदाजा उपरोक्त दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद आसानी से लगाया जा सकता है। इस अवसर पर दविंदर दीप, मोनू भाटिया, बंटी मोरोवालिया, गुरु रविदास टाइगर फोर्स के चेयरमैन यश बर्ना, बंटी टिब्बी, श्री गुरु रविदास सभा अर्बन एस्टेट से राज अंबेडकरी, जतिंदर कुमार, कुलविंदर भुल्लाराई, लखबीर शाम नगर, गुरु रविदासिया प्रचार समाज कमेटी से जगदीश कलेर, विनोद सुमन पलाही गेट सहित अंबेडकर सेना मूलनिवासी, गुरु रविदास टाइगर फोर्स, भगवान वाल्मीकि एक्शन कमेटी और सभी दलित संगठनों के नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।