फगवाड़ा (पुनीत) शिव सेना पंजाब ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की है कि गऊ सेस के नाम पर वसूली जाने वाली रकम का हिसाब जनता को दिया जाये ताकि पता चले कि बेसहारा गौधन के संरक्षण के लिये जो पैसा जनता से लिया जाता है, वह उद्देश्य की पूर्ति के लिये खर्च भी हो रहा है या नहीं। आज यहां वार्तालाप में शिव सेना पंजाब के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष इन्द्रजीत करवल एवं राजेश पलटा के अलावा प्रदेश प्रवक्ता विपन शर्मा, नीरज सचदेवा, विक्रम शर्मा, हरिन्द्र बिल्ला और सिटी प्रधान अंकुर बेदी ने पंजाबी गायक राजवीर जवंदा के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि आये दिन सडक़ों पर बेसहारा भटकते गौधन की वजह से दुर्घटनाएं हो रही हैं और बहुत से लोग अपनी जान गवां चुके हैं। इसलिए पंजाब भर में घूमने वाले बेसहारा गौवंश को गौशालाओं अथवा अन्य उचित आश्रय स्थलों में पहुंचा कर उनका जीवन सुरक्षित करना प्रदेश सरकार की जिम्मेवारी है। करवल एवं पलटा ने कहा कि एक तरफ जहां बेसहारा गौधन यातायात में रुकावट बनता है वहीं असामाजिक तत्व बेसहारा गौधन को अपहृत करके गौमांस की तस्करी जैसे घिनौने कृत्यों को भी अंजाम देते हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और तनाव की स्थिति बन जाती है। शिव सेना नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार बेसहारा गौवंश के संरक्षण के नाम पर गौ सेस तो वसूल करती है लेकिन विडंबना है कि सरकार द्वारा वसूले जाने वाले गौ सेस का शायद वास्तविक उद्देश्य के लिये इस्तेमाल नहीं होता। इसलिए वे मांग करते हैं कि मुख्यमंत्री भगवंत मान गौसेस के वसूली और खर्च के आंकड़ों को सार्वजनिक करें। इसके अलावा सूखी-बांझ गाय, भैंसों को सडक़ों पर बेसहारा छोडऩे वालों को भी चेतावनी दी कि यदि इस तरह का कोई मामला संज्ञान में आया तो कड़ी कानूनी कार्रवाई करवाई जायेगी। उन्होंने प्रशासन से भी इन लोगों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान उन्होंने उन तत्वों को भी आड़े हाथों लिया जो सोशल मीडिया के जरिये गौ पूजक हिन्दुओं को निशाना बना कर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करते हैं। साथ ही पंजाब सरकार से भी मांग कर कहा कि जिस तरह जस्टिस गवई के मामले में तत्परता दिखाते हुए गलत पोस्ट डालने वालों के खिलाफ केस दर्ज किये गये हैं, उसी तर्ज पर हिन्दुओं की आस्था को लेकर भडक़ाऊ और आपत्तिजनक पोस्टें डालने वालों के विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाये।