पुणे में अभी जीबीएस का प्रकोप, जीका से मिश्रण नहीं
भारत के एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) से प्राप्त जानकारी के हवाले से डब्ल्यूएचओ ने महाराष्ट्र के पुणे में प्रसारित गुइलिन-बैरी सिंड्रोम (जीबीएस) को लेकर कहा है कि अभी तक जीका वायरस और जीबीएस से संबंधित कोई मिश्रित मामला सामने नहीं आया है। हालांकि भारत का आईडीएसपी नेटवर्क अलग से गर्भवती महिलाओं को लेकर रिपोर्टिंग नहीं कर रहा है जिसकी वजह से गर्भवती महिलाओं में जीका वायरस संक्रमण की संख्या अज्ञात है। राहत यह है कि अभी तक भारत में जीका से संबंधित कोई माइक्रोसेफली मामला सामने नहीं आया है। माइक्रोसेफली में बच्चे का सिर सामान्य से बहुत छोटा होता है।
एडीज मच्छर का प्रकोप भारत में अलग अलग
डब्ल्यूएचओ के अनुसार महाराष्ट्र में जीका वायरस के प्रसार का ट्रेंड असामान्य है। भारत में एडीज मच्छर का प्रकोप कुछ राज्यों में मानसून जबकि कुछ में उसके बाद देखा जा रहा है। दिन व शाम में मच्छर काटने से यह संक्रमण होता है। डब्ल्यूएचओ ने गर्भवती महिलाओं व बच्चों में मच्छर काटने से बचाव पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि पुणे में संक्रमित मरीजों के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग में वायरल लोड काफी कम मिला है, यानी आबादी में वायरस के मौजूदा स्ट्रेन के फैलने की क्षमता कम है। प्रभावित क्षेत्रों में जीका वायरस संक्रमण को लेकर गर्भवती महिलाओं की जांच अनिवार्य है। इन जिलों में एडीज मच्छर उन्मूलन अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
